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“Autobiography of a Cow” in Hindi Language

गाय की आत्मकथा ।  “Autobiography of a Cow” in Hindi Language!

संसार के समस्त पशुधनों में पालतू पशुधन के रूप में मेरी अलग पहचान है । मैं एक बहुमूल्य पशुधन हूं । चौपायों में मैं बहु उपयोगी पशु के रूप में जानी जाती हूं । मेरी बड़ी-बड़ी सुन्दर आखें लहराती झबरीली पूंछ, मेरी सुन्दर देहदृष्टि ही मेरी विशिष्ट पहचान है । मैं विभिन्न रंगों में पहचानी जाती हूं ।

दुध की तरह मेरा गौरवर्णीय रूप है, जिसके कारण मैं गौरी कहलाती हूं । मेरा श्यामल चमकता-दमकता शरीर भी है, जिसके कारण मैं श्यामा कहलाती हूं । ललछहे पत्तों के रूप में लालिमा भरी आभा से युक्त मेरी देह मुझे लक्ष्मी का रूप देती है ।

भारत जैसे देश में तो मैं ‘गौमाता’ के रूप में पूजी जाती हूं । बहुत-से धार्मिक आयोजनों में मुझे नेवैद्य के रूप में सर्वप्रथम भोजन अर्पित किया जाता है । मुझ पर ऐसी धार्मिक आस्था पौराणिक आख्यानों से जुड़ी हुई है ।

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मेरी विभिन्न प्रजातियां हैं, जो पृथ्वी के समूचे भाग में पाई जाती हैं । मेरी सभी प्रजातियां अपनी अलग-अलग विशेषताएं लिये हुए हैं । जैसा कि सभी जानते हैं कि मैं एक बहुउपयोगी पशु हूं । मेरा दूध अत्यन्त पौष्टिक, स्वास्थ्यवर्धक एवं सुपाच्य माना जाता है । संसार के प्राय: सभी शिशु मेरा ही दूध पीकर बल और बुद्धि को प्राप्त करते हैं । मेरे  दूध में किसी मां के  दूध की तरह ही शक्ति है ।

मेरे दूध से शुद्ध घी, दही, मक्खन, पनीर प्राप्त होता है । कई प्रकार की स्वादिष्ट मिठाइयां भी मेरे दूध से ही बनती हैं । मेरे सींगों व खुरों से बटन इत्यादि बनते हैं । गोबर से बने कण्डे ईधन के काम आते हैं । मेरा गोबर आधुनिक संयत्रों में जाकर गैस उत्पन्न करता है । यह गैस विद्युत ऊर्जा, रसोई गैस के रूप में काम आती है । मेरा गोबर खाद तथा घरों की लिपाई-पुताई के काम आता है ।

इससे घर का वातावरण शुद्ध एवं कीटाणुमुक्त रहता है । जब मैं ब्याही जाती हूं तब मुझसे उत्पन्न बछड़ा बैल बनता है । ये बैल खेती के बड़े काम आते है, साथ ही भार ढोने में सक्षम उन बैलों से संसार कई तरह से काम लेता है ।

ये बैल बैलगाड़ी में जुतकर सामान इत्यादि भी ढोते हैं । मैं जीवित रहते हुए लोगों के काम आती हूं किन्तु मरने के बाद भी मेरे शरीर का उपयोग बहुत-से कामों में लिया जाता है । मेरे चमड़े से जूते-चप्पल से लेकर विभिन्न प्रकार की वस्तुएं बनती हैं ।

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मैं सबसे जनप्रिय पालतू जानवर हूं इसमें कोई सन्देह नहीं है । मेरा जीवन ही दूसरों के लिए है । मैं एक शाकाहारी एवं सरल-सौम्य स्वभाव की पशु हूं । कुछ लोग मुझसे कठोरता से पेश आते हैं । फिर भी मैं अपने सरल रूप को कभी नही छोडूंगी; क्योंकि मैं एक गाय हूं ।

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