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“The Traffic Rules” in Hindi Language

यातायात के नियम । “The Traffic Rules” in Hindi Language!

1. प्रस्तावना ।

2. यातायात के सामान्य नियम ।

3. यातायात दुर्घटना के कारण ।

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4. विभिन्न यातायात संकेत और उनके अर्थ ।

5. उपसंहार ।

1. प्रस्तावना:

यातायात, चाहे वह रेल का हो या वायुमार्ग, जलमार्ग का हो या फिर सड़क का हो । सभी के लिए यातायात नियमों का पालन अत्यन्त आवश्यक होता है । सड़क यातायात पैदल चलने वालों से लेकर भारी वाहन चालकों के लिए अपने गन्तव्य तक पहुंचने का सर्वप्रमुख माध्यम है ।

चाहे छोटा शहर हो या बड़ा, रास्ता गांव का हो या कस्बे का, सड़क पर चलने हेतु नियमों का यदि पालन नहीं किया जाता, तो बहुत-सी परेशानियों के साथ-साथ दुर्घटनाओं का सामना भी करना पड़ सकता है । जान को जोखिम में डालकर सड़क पर चलना किसी के लिए भी हानिप्रद है ।

2. यातायात के सामान्य नियम:

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देश का कोई भी नागरिक, चाहे वह किसी भी क्षेत्र का हो, किसी भी वर्ग का हो, चाहे वह महिला, पुरुष, बाल, युवा या फिर वृद्ध हो, कितने भी प्रभावशाली पद पर अधिष्ठित क्यों न हो, उसे सामान्य सड़क के नियमों का पालन करना ही चाहिए ।

सभी उम्र के व्यक्ति विभिन्न प्रकार के साधनों का प्रयोग करके सड़क से आवागमन करते हैं । अत: सहज-सरल, व्यवस्थित, सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात के नियमों का पालन अत्यावश्यक है । यातायात के सामान्य नियम इस प्रकार हैं:

1. सदैव सड़क के बायीं ओर चलें ।

2. सड़क पार करते समय जेबरा क्रॉसिंग तथा फुटपाथ का प्रयोग करें ।

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3. अन्धे मोड़ या अन्य मोड़ पर हॉर्न अवश्य दें ।

4. समूह में न चलें ।

5. सड़क को खेल का मैदान न समझें ।

6. फुटपाथ न होने की स्थिति में दाहिनी ओर चलें ।

7. खड़ी गाड़ियों के बीच में से अचानक सड़क पर न भागें ।

8. साइकिल हो या कोई भी गाड़ी, विभिन्न मोड़ पर संकेतों का पालन करें ।

9. मान्य तथा लर्निग लाइसेंस का प्रयोग करें ।

10. लर्निग लाइसेंस होने की दशा में स्थायी लाइसेंसधारी को बिठाकर गाड़ी चलायें ।

11. गाड़ी के आगे-पीछे अंग्रेजी के अक्षर में एल लिखवायें ।

12. सड़क पर मार्ग विभाजित रेखाओं का नियमानुसार पालन करें ।

13. स्टॉप लाइन्स पर ही रूके ।

14. शराब पीकर वाहन न चलायें ।

15. सौन्दर्य दर्शन और वाहन चालन एक साथ कदापि न करें ।

16. ओवरटेक न करें ।

17. फ्रायर ब्रिगेड,  पुलिस वाहन तथा एम्बुलेंस के आगे निकलने का प्रयास न करें ।

18. क्रॉसिंग पर वाहन धीमा करें ।

19. पैदल यात्रियों, अपंगों, बच्चों, वृद्धों की सड़क पार करने में सहायता करें ।

20. विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों पर नजर रखें ।

21. हेलमेट का प्रयोग करें ।

22. दो से अधिक यात्रियों को बिठाकर गाड़ी न चलायें ।

23. स्कूल, अस्पताल, बाजार तथा अत्यधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वाहन धीमा करें ।

24. वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी रखें ।

25. हाथ के विभिन्न संकेतों का प्रयोग करें ।

26. पार्किग के सभी नियमों का पालन करें ।

27. हॉर्न सम्बन्धी नियमों का पालन करें ।

28. रात में गाड़ी चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करें ।

29. गाड़ी चलाते-चलाते आपस में बातचीत न करें ।

30. मानसिक व शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने पर वाहन न चलायें ।

31. 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन न चलाने दें ।

32. रेलवे फाटक बन्द होने की स्थिति में उसके नीचे से सड़क पार करना जानलेवा हो सकता है ।

3. यातायात दुर्घटना के कारण:

जो व्यक्ति यातायात के नियमों का पालन नहीं करते हुए आवागमन के साधनों का प्रयोग करते हैं, चाहे वह पैदल चल रहे हों या किसी वाहन पर सवार, तो दुर्घटना अवश्यम्भावी है । दुर्घटना के प्रमुख कारणों में सबसे पहला कारण है: अनियन्त्रित गति से वाहन चलाना, जिसमें सड़क, रोशनी, मौसमी, वाहन की किस्म, हेडलाइट का ध्यान नहीं रखा जाता ।

दूसरा कारण-खतरनाक ढंग से मोड़, चौक, चौराहों पर ओवरटेकिंग करना । तीसरा कारण-किसी वाहन का तेजी से पीछा करना । चौथा कारण-बगैर संकेत दिये लेन बदल लेना या फिर निर्धारित लेन सै बाहर रहकर गाड़ी चलाना ।

पांचवां कारण-पैदल यात्रियों द्वारा गलत तरीके से रोड पार करना । छठा कारण-वाहन की दशा या स्थिति की समयानुसार जांच न कराने पर भी कभी-कभी वाहन दुर्घटना को निमन्त्रण देते हैं । सातवां कारण-पार्किंग के नियम व दिशा निर्देश का पालन न करना । आठवां कारण-दिखावे या प्रदर्शन के चक्कर में आज का युवा वर्ग तेज गति से गाड़ी चलाकर दुर्घटना को न्योता देता है ।

4. विभिन्न यातायात संकेत और उनके अर्थ:

यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने तथा दुर्घटना से बचने के लिए मुख्यत: तीन प्रकार के संकेत हैं । 1. आज्ञासूचक संकेत, 2. चेतावनीसूचक संकेत और 3. सूचनात्मक संकेत ।

1. आज्ञासूचक संकेत गोलाकार होते हैं । इन संकेतों के अनुसार वाहन न चलाना दण्डनीय अपराध माना गया है ।

2. चेतावनीसूचक संकेत त्रिभुजाकार संकेत होते हैं, जो अवरोधों को बताते हैं ।

3. सूचनात्मक संकेत आयताकार होते हैं, जिससे दिशा, स्थाने और मार्गो की जानकारी होती है ।

इन संकेतों के अतिरिक्त लाल रंगों का प्रयोग रुकने तथा प्रवेश निषेध के लिए किया जाता है । काला रंग रात्रि में गति सीमा दर्शाने, चेक पोस्ट स्टेशन व एकांगी मार्ग के लिए । सफेद  रंग रूट मार्कर के बैकग्राउण्ड में मार्गदर्शक चिह के रूप में तथा पीला रंग चेतावनीसूचक चिहों के रूप में है । सड़क पर लगे इन मार्गदर्शक संकेतों का पालन अवश्य करना चाहिए ।

5. उपसंहार:

यातायात के साधनों के रूप में सड़क सबसे सर्वसुलभ और सस्ता माध्यम है । इस पर चलते समय यदि हम यातायात के नियमों, निर्देश, संकेतों का पालन नहीं करेंगे, तो इसमें न केवल हमारा वाहन क्षतिग्रस्त हो सकता है, बल्कि हमारी अमूल्य जान भी जा सकती है ।

कई बार दुर्घटनाग्रस्स होने की स्थिति में हम मौत से बदत्तर जीवन जीने को मजबूर हो जाते है । आपकी जान कीमती है । सड़क पर नियम से चलें । बचिये दुर्घटना के यम से । सयंमित गति सुरक्षित जीवन का सन्देश यातायात का सन्देश है । इसका पालन करें ।

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