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Phrases by Eminent Poets of All Times | Hindi

Here is a list of top five phrases given by eminent poets of all times in Hindi.

Phrase # 1. बिहारी | Bihari:

बढ़त बढ़त संपति-सलिलु, मन सरोज बढ़ि जाइ ।

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घटत घटत पुनि ना घटै, बरु समूल कुम्हिलाइ ।।

संगति सुमति न पाबहीं, परे कुमति के धंध ।

राखौ मेलि कपूर में, हींग न होत सुगंध ।।

Phrase # 2. कबीर | Kabir:

संत न छाड़े संतई, जे कोटिक मिलैं असंत ।

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चँदन भुवंगा बेठिया, तउ सीतलता न तजंत ।।

पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोइ ।

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एकै अषिर पीव का, पढ़ें सु पंडित होइ ।।

Phrase # 3. तुलसीदास | Tulsidas:

पर-गुन सुनत दाह, पर दूषन सुनत हरख बहुतेरो ।

आप पाप को नगर बसावत, सहि न सकत पर खेरो ।।

जीव चराचर जहँ लग है सब को हित मेह ।

तुलसी चातक मन बस्यौ घन सौं सहज सनेह ।।

Phrase # 4. सूरदास | Surdas:

कहँ वह नीर, कहाँ वह शोभा, कहँ रँग रूप दिखैहैं ।

जिन लोगनि सौं नेह करत हैं, तेई देखि घिनैहैं ।।

सूरदास यह मति आए बिन, सब दिन गए अलेखे ।

कहा जानै दिनकर की महिमा, अंध नैन बिन देखे ।।

Phrase # 5. रहीम | Rahim:

जो बड़ेन को लघु कहौ, नहिं रहीम घटि जाहिं ।

गिरिधर मुरलीधर कहे, दुख मानत कछु नाहिं ।।

समय लाभ सम लाभ नहिं, समय चूक सम चूक ।

चतुरन चित रहिमन लगी, समय चूक की हूक ।।

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