Tag Archives | History

26th January Republic Day in Hindi

26 जनवरी, गणतन्त्र दिवस । Article on 26th January, Republic Day in Hindi Language! 26 जनवरी हमारे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है । इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ एवं हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बना । यह हमें उस दिन का स्मरण कराता है जब कांग्रेस पाटी ने विदेशी शासन […]

“Experimentalist Era” in Hindi Language

प्रयोगवादी युग । “Experimentalist Era” in Hindi Language! प्रयोगवाद की प्रवृत्तियां (विशेषताएं सन् 1943-1950 तक): अज्ञेय के 1943 के तारसप्तक (प्रथम) के प्रकाशन के साथ-साथ हिन्दी काव्य साहित्य में सन् 1943 से 1950 तक का समय प्रयोगवाद के नाम से जाना जाता है । इस युग में भाव एवं शिल्प की दृष्टि से जो नये-नये […]

“Bharatendu Era” in Hindi Language

भारतेन्दु युग । “Bharatendu Era” in Hindi Language! भारतेन्दुयुगीन काव्य की प्रवृत्तियां (विशेषताएं): भारतेन्दु युग को आधुनिक हिन्दी साहित्य का प्रवेश द्वार माना जाता है । इस युग में हिन्दी साहित्य की प्राय: सभी विधाओं का विकास देखा जा सकता है । रीतिकालीन ब्रजभाषा के स्थान पर खड़ी बोली की प्रतिष्ठा, देश-प्रेम तथा राष्ट्रीय चेतना […]

“Dwivedi Era” of Hindi Language

द्विवेदी युग । “Dwivedi Era” of Hindi Language! द्विवेदी युग की प्रवृतियां (विशेषताएं): द्विवेदी युग आधुनिक हिन्दी कविता का दूसरा चरण है । सन से 1920 तक का समय द्विवेदी युग कहलाता है । इस युग के प्रवर्तक महावीर प्रसाद द्विवेदीजी हैं । उन्होंने 1903 से लेकर तक ‘सरस्वती’ नामक पत्रिका का सम्पादन किया । […]

“Modern Era” in Hindi Language

आधुनिककाल । “Modern Era” in Hindi Language! आधुनिक हिन्दी कविता की मुख्य प्रवृत्तियां (विशेषताएं) 1900 से आज तक: आधुनिक हिन्दी कविता का प्रारम्भ संवत् 1900 से माना जाता है । इस काल में सामाजिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से जो परिवर्तन हुए, उनके परिणामस्वरूप हिन्दी साहित्य में नयी चेतना आयी । काव्य में भाषा, भाव […]

“Pre-Medieval Era” in Hindi Language

भक्तिकाल । “Pre-Medieval Era” in Hindi Language! भक्तिकाल (पूर्व मध्यकाल) की प्रवृत्तियां: भक्तिकाल का विभाजन: (1375 से 1700 तक) 1. निर्गुण काव्यधारा: (क) ज्ञानमार्गी (ख) प्रेममार्गी 2. सगुण काव्यधारा: (क) रामभक्ति शाखा (कृष्णभक्ति शाखा) भक्तिकाल की विशेषताएं: 1. साहित्य का स्वर्णयुग:  हिन्दी साहित्य के इतिहास में भक्तिकाल अपनी असाधारण एवं अभूतपूर्व विशेषताओं के परिणामस्वरूप हिन्दी […]

“Progressive Era” in Hindi Language

प्रगतिवादी युग । “Progressive Era” in Hindi Language! प्रगतिवादी युग (सन् 1936-1943): राजनीति के क्षेत्र में जो मार्क्सवाद है, कविता के क्षेत्र में वही प्रगतिवाद है । प्रगतिवादी विचारधारा, समाज के हर वर्ग की प्रगति में विश्वास रखती है । किसानों, मजदूरों तथा समाज के शोषित वर्गो के प्रति समानता पर बल देती है । […]

“The Heroic Era” in Hindi Language

वीरगाथा काल । “The Heroic Era” in Hindi Language! काल-विभाजन हिन्दी साहित्य का विकास, काव्य साहित्य से ही प्रारम्भ हुआ । आचार्य रामचन्द्र शुक्लजी ने ‘हिन्दी साहित्य के इतिहास’ में काव्य साहित्य को उनकी प्रवृतियों के आधार पर चार भागों में बांटा है । इन चारों कालों का क्रमानुसार विभाजन इस प्रकार है । 1. […]

“Riti Kal” in Hindi Language

रीतिकाल । “Riti Kal” in Hindi Language! रीतिकाल की प्रमुख काव्य प्रवृत्तियां (1700-1900) रीतिकाल: हिन्दी साहित्य के मध्ययुग के उत्तरा (बाद का) काल है । रीति की प्रधानता के कारण इसे रीतिकाल के नाम से जाना जाता है । रीति शब्द का प्रचलित अर्थ है-काव्य की प्रणाली, पद्धति या शैली । चूंकि इस काल में […]

“Valentine’s Day” in Hindi Language

वेलेन्टाइन डे । “Valentine’s Day” in Hindi Language! 1. प्रस्तावना । 2. वेलेन्टाइन डे का महत्त्व । 3. उपसंहार । 1. प्रस्तावना: वेलेन्टाइन डे आधुनिक समाज का पर्व है । पिछले कुछ वर्षो से हमारे देश में वेलेन्टाइन डे बड़े ही रोचक, साहसपूर्ण अन्दाज से मनाया जा रहा है । किशोर नवयुवक-युवतियां अपने प्रेम का […]

"Africa’s Contribution to Non-Aligned Movement"

अफ्रीका का गुट-निरपेक्ष आंदोलन में योगदान | “Africa’s Contribution to Non-Aligned Movement” in Hindi Language! भारत-अफ्रीकी संबधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत और अफ्रीका का संबंध बहुत ही प्राचीन काल से माना जाता है । भारत में अफ्रीका के प्रति हमेशा सहानुभूति की भावना रही है । यह भावना वहाँ के लोगों के स्वप्नों और आकांक्षाओं […]

Idealistic and Realistic Thinking | Hindi

प्राचीन भारत की आदर्शवादी और यथार्थवादी सोच की परंपरा | “Ancient Indian Tradition of Idealistic and Realistic Thinking” in Hindi Language! प्राचीन भारत की आदर्शवादी और यथार्थवादी सोच की परंपरा: भारत के विश्व दृष्टिकोण के विकास का मूल प्राचीनकाल से ही दिखाई पड़ता है, जैसे अंतर-राज्य संबंधों में यथार्थवाद एवं आदर्शवाद दोनों पद्धतियों की उपस्थिति […]

Problems of Independent African States | History

स्वतंत्र अफ्रीकी राज्यों की समस्याओं | “Problems of Independent African States” in Hindi Language! स्वतंत्र अफ्रीकी राज्यों की समस्याएँ (Problems of Independent African States): अफ्रीका अंतर्राष्ट्रीय जगत में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है । नवोदित में अफ्रीका को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । इसमें अधिकांश समस्याएं यहाँ की पिछड़ी हुई […]

Ethnic and Religious Movements | India

नृजातीय और धार्मिक आंदोलन | “Ethnic and Religious Movements” in Hindi Language! नृजातीय और धार्मिक आंदोलनों की भूमिका-नृजातीय और धार्मिक आंदोलनों को राष्ट्रवाद की गति सिद्धांत से अलग नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सार्वभौम सकल्पना है । नृजातीय और धार्मिक आंदोलन सामान्यतया राष्ट्रवाद के सिद्धांत पर ही आधारित होते हैं । नृजातीय और धार्मिक […]

Non-Align Movement in Present World | History

वर्तमान विश्व में गुटनिरपेक्षवाद । “Non-Align Movement in Present World” in Hindi Language! गुटनिरपेक्षवाद की प्रासंगिकता: गुट निरपेक्ष आंदोलन सबसे बड़ा शांति आंदोलन के रूप में जाना जाता है । आज यह आवश्यक है कि गुटनिरपेक्षता के पीछे लिने भावना अर्थात् राष्ट्रीय नीति-निर्माण की स्वतंत्रता को सैनिक या आर्थिक दृष्टि से शक्तिशाली देशों के दबाव […]

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